Deepak Ramola Founder of Project FUEL || Short Story
दोस्तों मै इस article में आपको एक writer, lyrisist, storyteller, और life lesson teacher के रूप में, जिन्होंने एक जगह से सीखी हुई life lessons को दूसरी जगह एक practical ways में पहुँचाया और बन गई कई लोगों की ख़ुशी का जरिया. तो एक writer, lyrisist, storyteller, और life lesson teacher दीपक रमोला की life से और उनकी life changing activity से से सीखेंगे कुछ life changing lessons.
दीपक रमोला का जन्म उत्तराखंड के देहरादून गाँव में हुआ. जब वे छोटे थे, तो उनकी माँ हमेशा कहती थी कि तुम मन लगाकर पढ़ो, क्योंकि मुझे कभी किताबों का सुख नहीं मिला. तो छोटे दीपक ने माँ से सवाल करते हुए पूछा कि - बिना गणित समझे कैसे घर का खर्च संभालती हो और बिना साहित्य जाने कैसे हमें मार्गदर्शन करती हो? माँ ने जवाब में कहा कि ये सच है कि मै कभी स्कूल नहीं गई हूँ, पर जिन्दगी जो कुछ सिखाती है, उसे ध्यान लगाकर सीखती हूँ. और इस में दीपक रमोला पे बहुत गहरा असर हुआ. और इस बात से उन्हें विश्वास आया कि की दुनिया में हर इन्सान की अनुभव में किसी-न-किसी परेशानी का हल छिपा होता है. तो उसके बाद से दीपक कभी भी किसी से मिलते तो उन्हें यह सवाल जरुर पूछते कि 'जिंदगी ने आपको क्या सिखाया? और उनके जवाब वो अपनी डायरी में लिख लेते थे.
दीपक रमोला कहते हैं कि आज दुनिया की संख्या 7 अरब से भी ज्यादा है. तो इसका मतलब दुनिया में ऐसे 7 अरब गलतियाँ हैं, जिनसे आप सीख सकते हैं. 7 अरब Life lessons है, जिनका सहारा लेकर आप हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं. जब वे 17 साल के थे, तभी से उन्होंने अलग-अलग क्षेत्र के लोगों, अलग-अलग ऊम्र के लोगों से सीखी हुई बातों को practical activity में बदल के सिखाना शुरू किया.
वह इस बात को बताते हुए कहते हैं कि 17 साल की उम्र में अपने से दुगुनी उम्र को पढ़ाने का सफर सुहना तो था, पर मुश्किल भी. और इसी बात से प्रेरणा लेते हुए दीपक रमोला ने एक Project FUEL नामक संस्था की स्थापना की. FUEL का मतलब forward the Understanding of Every Life Lessons है. तो Project FUEL में दीपक विश्व भर के लोगों से मिलके, उनके Life lessons का सार कुछ practical activities में बना के अलग-अलग उम्र के लोगों को सिखाते हैं.
अगर सच में देखा जाए तो कितना अद्भुत संयोग है, जहाँ आप किसी से मिले बिना उनकी जिंदगी बदल सकते हैं और किसी के भी जिंदगी से कुछ सीख सकते हैं. वो मानते हैं कि समाज के बुद्धिजीवी के साथ-साथ समाज के साधारण और अनपढ़ लोगों के ज्ञान को भी संजोकर समझा जाए तो हमारी बड़ी से बड़ी परेशानी का हल आसानी से मिल जाएगा.
तो Life lessons इकठ्ठा करने वाले दीपक रमोला का आज हम फेवरेट life lessons क्या है? इस article में जानते हैं. अगर हम उनका आवाज सुने, तो हम ये मन में जरुर कह सकते हैं कि कितनी पतली आवाज है, लड़कियों जैसी आवाज है. और ऐसी ही उन्हें बचपन में इन्हीं सब बातो से परेशान किया जाता था. तो वह रोते-रोते अपने स्कूल टीचर प्रगति कपूर नाम के पास गए और उन्हें रोते-रोते सब कुछ कहा. तो उनके टीचर ने उन्हें समझाते हुए बहुत सारी बातें कही पर उसे एक बात उन्होंने कही जो दीपक रमोला का आज तक का life lessons का फेवरेट lesson बना. वह बात थी own your story मतलब To be proud to be who you are. जैसे भी आप हो, जहाँ से भी आप हो और आप जो भी हो उसका आपको proud जरुर होना चाहिए. तो इस घटना के एक साल बाद दीपक रमोला ने एक प्रतियोगिता में भाग लिया. जहाँ पर उनका subject बलिकुल उनके field से related था. पर जब वह प्रतियोगिता (Competition) पूरा हुआ. तो उनके class से एक लड़की ने उसे एक complement दी. उस लड़की ने कहा (that was very inspiring not the content of your talk but your voice you are inspiring.) वह बहुत प्रेरक ही था जो आपकी बातो का विषय नही था, लेकिन आपकी आवाज आपको inspiring कर रही थी. और इसी बात से उन्हें अंदर से बहुत inspired महसूस हुआ. और इसी वजह से आज अपनी आवाज से लोगों को प्रेरित करते हैं, कविताएँ लिखकर सुनाते हैं और बहुत साडी एक्टिविटीज करते हैं, जहाँ उन्हें अपनी आवाज मायूस करने वाला लगता था, वहां उन्होंने अपनी आवाज को प्यार करना सीखा. और आज हजारों लोगो तक पहुंची है. so he always says- own your story. it doesn't matter how does it sound. तो ऐसी बहुत सारी life lessons दीपक रमोला ने एकत्रित की है. मै आपको realy recommend करता हूँ की उनके life lessons और उनके सभी बताये हुए activities को उनके चैनल पर जा करके जरुर देखें. और recently उन्हें star AP की तरफ से change maker star AP award मिला.
तो इस article को कम्पलीट करते हुए दीपक रमोला जिन्दगी के बारे में क्या कहते हैं?
उम्र के सारे खेल खेलकर ,
बुरे भले सब दर्द झेलकर.
डूब-डूब कर, उभर-उभर कर
जीत-जीतकर, हार-हारकर,
फुर्सत की दो घड़ियों में
जब इस दिल ने साँस ली
जीवन की सच्चाई साडी जन ली.
मान लिया की खुशियाँ बनकर
कभी लम्हों को गुदगुदाती है,
कभी गमों की बांह पकड़ लचकाती है,
जिंदगी कितना कुछ सिखाती है.
सुनी सहमी रातों में चाहां की दिन आबाद रहे,
कोई अपना, कोई पराया दो कदम तो साथ चले
कभी भीड़ में गम हो जाता
कभी तन्हाई का जश्न मनाता
मन ही मन ये मन को समझाता
कभी पल भर में मंजिलों तक पहुंचाती है,
कभी एक ही मोड़ सौ दफा दोहराती है,
ये जिंदगी है,
और जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है.
बहुत कुछ सिखाती है..........
अगर आप इस पेज को पहली बार पढ़ रहे हो तो मेरे इस blog को share करें और मुझे कमेंट करें. ताकि ऐसे ही inspiring stories और inspirational Biographies आपको मै और दे सकूं. || धन्यवाद ||






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