||Motivation Story || ||की तट पर बैठे बैठे तेरे हाथ कहा कुछ आयेगा||
"किसी ने बड़ी कमाल की बात कही है रत्न मिलेंगे तुझको जब सागर के तह में जायेगा कुछ न आया हाथ समझना डुबकी अभी अधूरी है. चाहे जितना भी हो मुश्किल पहला कदम जरुरी है."
हिंदुस्तान में lockdown जब हुआ तब कई सारे छोटे छोटे किस्से हुए. lockdown की वजह से बहुत सारे लोगों का बिज़नेस ठप था. ये कहानी ऐसे कैप ड्राईवर की जिसकी लाइफ में सब कुछ खत्म होने को आया था, उसकी कैप बंद हो गई थी, घर पर बैठा हुआ था, गाँव में था और समझ नही पा रहा था कि जिस एकलौते साधन से उसके घर में पैसा आ रहा था वो भी रुका हुआ है. उसके पास जो बचत के पैसे थे वो धीरे-धीरे खत्म हो रही थी, गरीबी के दिन बढ़ते चले जा रहे थे, उसको राशन की जरूरत थी लेकिन कोई भी उसका मदद नही कर रहा था, पता नही वो कितने लोगो को कॉल कर चूका था, लेकिन सामने से ना में जवाब आता था.
एक दिन अचानक से कॉल आता है, और सामने वाला व्यक्ति कहता है कि भाई साहब अपना अकाउंट नंबर भेजिये. मै आपको कैश भेजना चाह रहा हूँ आपकी मदद करना चाह रहा हूँ. ये उससे पूछना चाह रहा है बात करना चाह रहा की कहाँ से बात कर रहा है, कौन है, उससे पहले कॉल कट जाता है. ये फिर से कॉल करता है और पूछता है कि आप कौन है, तो बोलता है आप पहले अकाउंट नंबर तो भेजिए. ये भरोसा करके अकाउंट नंबर भेजता है और वाकई में इसके पास थोड़ी देर के बाद कैश आ जाता है. ये बड़ा खुश होता है और ऊपर वाले का धन्यवाद करता है कि आपने बचा लिया, आज तो वाकई में चमत्कार हो गया.
ये वापस उस नंबर पे कॉल करता है, पूछता है कौन है? क्यों मेरी मदद की? तो सामने वाला व्यक्ति कहता है कि शायद आप भूल गये आज से चार महीने पहले एक छोटा सा किस्सा हुआ था. मुझे दिल्ली जाना था इंटरव्यू के लिए सुबह 6 बजे की ट्रेन थी, मैंने घर से कैप बुक की, स्टेशन पहुंचा, आपका पेमेंट किया, उसके बाद मई प्लेटफॉर्म पर पहुंचा. वहां जा करके पॉकेट चेक की तो मेरा फ़ोन मेरे पास नही था. मेरी जमीं हिल गई, आसमान हिल गया, मुझे समझ नही आया कि और मई फटाफट से वहाँ भागा. बहार आ करके मै स्टेशन में कैप ढूढने लगा, लेकिन मुझे आपके कैप दिखाई नही दी. बड़ी सारी कैप्स खड़ी थी, मैंने जा करके सभी कैप्स के ड्राईवर का चेहरा देखता था, कि यार वो बन्दा कौन था, जिसके साथ मै आया था, समझ नही आ रहा था की कहाँ गया बन्दा?
अपने आप पता नही मुह से गालियां आने लगी. पता नही क्या क्या बोलने लग गया आपको. और मै समझ रहा था कि सभी कैप ड्राईवर ऐसे ही होते है. सामान देखा और लेकरके चल दिए. पता नही कहा चल दिया होगा, मेरा फ़ोन बंद कर दिया होगा, ये हो गया होगा वो हो गया होगा और पता नही 50 चीजे मेरी दिमाग में चल रही थी.
मेरा जो इंटरव्यू था वो मैंने कैंसिल कर दिया और दिल्ली जाने का प्लान ड्राप कर दिया मैंने सोंचा कि आज का दिन ही अशुभ है. मतलब आज के दिन मेरी फ़ोन गायब हो गया इंटरव्यू कैंसिल हो गया. क्या जॉब मेलेगी मुझे? क्या सिलेक्शन होगा? मेरे पास कैश पड़ा था. मै ऑटो करके वापस घर पहुंचा. जब घर पहुंचा तो देखा कि मेरे घर के सामने एक कैप खड़ा था. मेरे दिमाग वापस खटका और गाली देने लगा और बोलने लगा कि कैप वाले ऐसे ही होता है ये होता है. मुझे लगा की किसी पडोसी ने शायद कैप बुक की होगी. आप कैप से निकल करके आये और मेरा फ़ोन मुझे लौटा दिया. वो फ़ोन हजारों का था, लेकिन उस दिन मुझे करोड़ों की बात सिखने को मिली. आपने बोला कि भाई साब मै तो यही खड़ा हूँ. आपके घर पर ताला लगा है , मै इंतजार कर रहा था आधा घंटा से कि कोई आ जाये तो इसको ये फ़ोन दे दूँ. इस फोने मे भी लॉक लगा था तो किसी को कॉल नही कर पा रहा हूँ. काफी देर से वेट कर था की इस फ़ोन में किसी का फ़ोन आ जाये तो उससे बात कर लूँ , लेकिन इस पर किसी का कॉल नही आया. मै तो बस वेट कर रहा था और आप दिख गये तो आपको फ़ोन दे दिया.
मैंने भी आपसे कहा की मेरा भी दिमाग कम नही कर रहा है. इस पर मैंने कॉल नही किया अगर कॉल ही कर लेता तो शायद आपसे बात हो जाता, लेकिन मै आपको गाली देने में इतन बिजी था कि मै बस गाली देते रहा. आई ऍम सो सॉरी.
उस दिन जब आपने मुझे मेरा फ़ोन वापस लौटाया तो मुझे काफी कुछ सिखने को मिला. मुझे सिखने मो मिला की दुनिया में अभी भी इंसानियत ज़िन्दा है और मुझे ये सिखने को मिला की किसी को जज करना बंद कीजिये. आपको जज कर रहा था, पता नही उल्टा समझ रहा था, सोंच रहा था की बहुत ही बेकार आदमी है मेरा फ़ोन ले करके भाग गया, लेकिन आपने मेरा फ़ोन लौटने के लिए आये. आप तो इंतजार कर रहे थे कि किसी का कॉल आ जाये, ताकि आप फ़ोन लौटा सकें.
ये बात उसने खत्म किया और बोला कि मै बस इसिलए आपकी मदद करना चाह रहा था. lockdown में मुझे आपकी याद आ गई. मैंने आपका नंबर सेव किया हुआ था. मुझे लगा की शायद आपको कैश की जरुरुत होगी, शायद आपको पैसों की जरुरत होगी. इस्ल्ये कुछ पैसे जितना मै भेज सकता था मैंने आप तक पहुंचाया. आपकी मदद के लिए.
उसने अपनी बात खत्म की और इस तरफ जो कैप ड्राईवर था उसने कहा की अपने जो पैसा भेजा हिया, जो मेरी मदद की है इससे बड़ी मदद नही हो सकती. और आज आपने मुझे बहुत बड़ी बात सिखाई कि अच्छा कर्म करेंगे, तो रिजल्ट अपने आप अच्छा आयेगा. आपको पता नही मै किस हाल में जी रहा हूँ, मेरे पास राशन नही है, मेरे पास पैसा नही है. मै रोजाना भगवान के सामने हाथ जोड़ रहा हूँ कि कोई मेरी मदद कर दें. मै इतने लोगों को कॉल करता हूँ, लेकिन कोई भी मेरी मदद नही कर रहा था. आज आपने मदद की और मुझे सिखा दिया की अच्छा काम करूंगा तो अच्छा फल जरुर मिल जायेगा.
छोटी सी कहानी काफी कुछ सिखाती है. हिन्दुस्तान में ऐसे Lockdown में कई किस्से हुए है जिसने हम लोगो को एक बात सिखाई है की इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है. और याद रखना अच्छा कम करेंगे, अपने आप आपके साथ अच्छा होगा, यकीन मानकर चलिए.
अंत में मै बस यही कहूँगा अच्छे कर्म कीजिये. अच्छे कर्मों के साथ कुछ कर दिखाओ ऐसा कि दुनिया करना चाहे आपके जैसा. ..........




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